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दुआ के फूल

दिल की  लगी  का  सुरूर  हो गया, प्यार में  आशिक  मजबूर हो  गया, कसूर तेरा नही कम्बख्त उम्र का है, हर  नज़र में  नूर  ही  नूर  हो  गया|       ©️ साहिल दुआ के फूलों का भंडार समर्पित ...

जनचेतना

       जनचेतना शब्दों का  संसार है जनचेतना जीवन का आधार है जनचेतना तन - मन  की  लगाम है चेतना अंतस की  पुकार है जनचेतना | हृदय का  हार  है  जनचेतना जन-जन का प्यार है जनचेतना मन ...

वो कविता हो नही सकती

जो कवि न  मढ़ता हो, वो  कविता हो  नही सकती| जिसे कोई न  पढ़ता हो, वो कविता हो नही सकती| काव्य  का दौर  कैसा है, यहाँ सब लिख रहे हैं क्या| जिसे हृदय न गढ़ता हो, वो कविता हो नही सकती|    ...

पत्तल परई (सकोरा) व मिट्टी से बने बर्तन व गिलास में भोजन करने के वैज्ञानिक लाभ

आओ जाने पत्तल- परई (सकोरा) व मिट्टी के गिलास में भोजन करने के  वैज्ञानिक एवं आयुर्वेदिक लाभ ~~ पत्तलों की परंपरा अद्वितीय है इसे फिर से अपनाएँ ... अब तो जर्मनी और ब्रिटेन भी हरे प...

नूर ए नज़र (शायरी)

नूर ए नजर  की नजर में  खोया रहा, फिर क्यूँ  नज़र  में बेनज़र  हो  गया, न जाने  कैसा  जादू  हुआ जहन पर, जहाँ का नजारा भी बेअसर हो गया |            ©️ साहिल रात  गई और  बात गई, जीवन की ...

मुक्तक (सुनहरी गाँठ)

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      मुक्तक जरूरतमंद   की  सेवा  धरम का  पाठ  होती  है, करम करना सुखी रहना यही तो  ठाठ  होती  है, मनुज बनकर मनुजता का यही मैं पाठ सीखा हूँ, धरा  पर  प्रेम  ही सुन्दर सुनहरी   गाँठ  होती  है| © डॉ० राहुल शुक्ल साहिल

"एक शिशु है जिसकी माँ उसे जन्म देते ही मृत्यु को प्राप्त हो चुकी है"

(एक शिशु है जिसकी माँ उसे जन्म देते ही मृत्यु को प्राप्त हो चुकी है।) ऐसी घटना की वेदनाओं को हृदय में उतारकर शिशु के हावभाव व भविष्य को कवि डॉ० राहुल शुक्ल साहिल जी ने अभिव्यक...