गजल (प्यार की वो निशानी) साहिल
गज़ल़ रदीफ़ ~ आनी कॉफिया ~ मुझे मिल गयी मापनी~ 2122 1222 212 "प्यार की वो निशानी" प्यार की वो निशानी मुझे मिल गयी| जिन्दगी की कहानी मुझे मिल गयी| वक्त ठहरा रहा मंजिले खो गयी| प्रेम की वो दिवानी मुझे मिल गयी| चाहतों ने गले जब लगाया मुझे| ज़ीस्त में फिर रवानी मुझे मिल गयी| दुख का मंजर गया साथ खुशियाँ मिली| शाम सुन्दर सुहानी मुझे मिल गयी| दिन भी है खुशनुमा रात रंगीन है| तेरी दिलकश जवानी मुझे मिल गयी| सिन्धु साहिल से' कहता रहा रात भर| खूबसूरत नुरानी मु'झे मिल गयी| ©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल VJTM 308112 IN