Posts

Showing posts from November, 2020

गजल (प्यार की वो निशानी) साहिल

    गज़ल़             रदीफ़ ~ आनी   कॉफिया ~ मुझे मिल गयी मापनी~ 2122 1222  212         "प्यार की वो निशानी" प्यार की वो निशानी मुझे मिल गयी| जिन्दगी की कहानी मुझे मिल गयी| वक्त ठहरा रहा मंजिले खो गयी| प्रेम की वो दिवानी मुझे मिल गयी| चाहतों ने गले जब लगाया मुझे| ज़ीस्त में फिर रवानी मुझे मिल गयी| दुख का मंजर गया साथ खुशियाँ मिली| शाम सुन्दर सुहानी मुझे मिल गयी| दिन भी है खुशनुमा रात रंगीन है| तेरी दिलकश जवानी मुझे मिल गयी| सिन्धु साहिल से' कहता रहा रात  भर| खूबसूरत नुरानी मु'झे मिल गयी| ©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल      VJTM 308112 IN          

नील छन्द (दर्शन)

     🍁 नील छंद 🍁 विधान~[(भगण×5)+गुरु ] 211 211 211 211 211 2 16 वर्ण, 4 चरण दो-दो चरण समतुकांत। हे मनभावन स्नेह सुहावन प्रीत लिखूँ | मोहक सूरत दर्शन सुन्दर गीत लिखूँ || जीवन  चाहत  प्रेम  सुहावन रीत बने| ...