नूर ए नज़र (शायरी)
नूर ए नजर की नजर में खोया रहा,
फिर क्यूँ नज़र में बेनज़र हो गया,
न जाने कैसा जादू हुआ जहन पर,
जहाँ का नजारा भी बेअसर हो गया |
©️ साहिल
रात गई और बात गई,
जीवन की सौगात नई,
दुःख के काले बादल में,
खुशियों की बरसात नई |
मधुर मनमीत की भावना है प्रीत की|
दुःख और सुख में साधना है रीत की|
तन मन सुख बंधन में प्रश्न है स्नेह का|
प्रेम के जवाब में कामना है जीत की|
©️ साहिल
करवा चौथ (2019)पर विशेष
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