स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍
आधुनिक युग में विकास करते करते मनुष्य का स्वास्थ्य पिछड़ रहा है, भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण आज का मनुष्य अनियमित समय पर आहार ले रहा है जो कि असंतुलित एवं पोषकहीन भी है, भोजन के प्रति सजगता एवं जागरूकता अति आवश्यक है | कमजोर प्रतिरक्षण तंत्र, सूक्ष्म जीवों की असीमित बढ़ोत्तरी एवं बढ़ता हुआ प्रदूषण विभिन्न प्रकार के रोगों को जन्म दे रहा है, बहुत से व्यक्ति कम आयु में ही रोगग्रस्त हो रहें हैं| नए - नए रोग पनप रहे हैं, अधिकतर लोग रोगग्रस्त हो रहें हैं, स्वास्थ्य संतुलन बिगड़ रहा है, मनुष्य की औसत आयु बहुत कम हो गयी है|
व्यक्तिगत स्वच्छता, वातावरणीय स्वच्छता, प्राकृतिक आहार, शुद्ध प्राण वायु एवं खनिज लवणों से युक्त शुद्ध पेयजल ही हमारे स्वास्थ्य एवं शरीर के प्रतिरक्षण तंत्र को बनाए रख सकता है |
स्वास्थ्य जागरूकता एवं होमियोपैथिक चिकित्सा पद्धति की जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत 'स्वंय सेवी संस्था' "संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी" ने प्रयागराज एवं आसपास के 9 जिलों में निशुल्क होमियोपैथिक शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सलाह एवं दवाइयों के वितरण का बेड़ा उठाया है, जिसमें समय समय पर फैलने वाली विभिन्न बिमारियों [जैसे~ डेंगू, चिकनगुनिया, बर्ड फ्लू, जापानी इनसिफेलाइटिस, दिमागी बुखार, चेचक, गलसुआ, खसरा, हैपेटाइटिस इत्यादि] की रोगनिरोधक दवा (Prophylaxis) संस्था द्वारा जरुरतमंद लोगों तक निशुल्क पहुंचायी जाती है|
संजीवनी वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित मिशन हेल्थी इंडिया पर योजना के तहत स्वास्थ्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता की नवीन पहल
समाज सेवा के प्रमुख पहलू स्वास्थ्य जागरूकता पर कार्य करते हुए संजीवनी वेलफेयर सोसायटी पिछड़े हुए ग्रामीण क्षेत्रों एवं मलीन शहरी बस्तियों तथा स्कूल एवं कॉलेजों में स्वास्थ्य सलाह एवं स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है|
संजीवनी वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित 'मिशन हेल्दी इंडिया परियोजना' के नवीन कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में निम्नलिखित पहलुओं पर कार्य करने के लक्ष्य को प्राप्त करना हमारा संकल्पित उद्देश्य है |
"2013 से उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित मिशन हेल्दी इंडिया परियोजना के तहत निशुल्क स्वास्थ्य जागरूकता शिविर के माध्यम से निम्नलिखित विषयों पर सक्रियता पूर्ण कार्य की बिन्दुवार रूपरेखा"
1) आम जनमानस में व्यक्तिगत स्वच्छता एवं वातावरणीय स्वच्छता की उचित सलाह देना एवं लोगों को संतुलित आहार व स्वच्छ पेयजल इस्तेमाल करने की जानकारी देना|
2) खाद्य पदार्थों के सेवन की उचित सलाह देना, डिब्बाबंद, फास्ट फूड, सड़को पर मिलने वाले खाद्य पदार्थ, रसायनिक तत्वों एवं सैक्रिन युक्त खाद्य पदार्थों के शरीर पर दुष्प्रभाव को बताना एवं समुचित खानपान की जानकारी देना|
3) गुटका, पान, सुपारी अल्कोहल एवं अन्य नशीले तथा जहरीले पदार्थों के शरीर पर दुष्प्रभाव को सही तरीके से बताना| नशे से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि का सच समझाना, तथा लोगों को नशामुक्त स्वस्थ्य जीवन जीने की सलाह देना व नशामुक्ति के उपायों पर चर्चा करना|
4) महिलाओं को विभिन्न रोगों से बचने के उपाय बताना एवं माहवारी से संबंधित रोगों से बचने एवं हानिरहित दवाइयां लेने की उचित सलाह देना | समुचित एवं संतुलित खान-पान की जानकारी देना, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य को बनाए रखने की संपूर्ण जानकारी देना |
5) गर्भवती महिलाओं को प्रोटीन, कैल्शियम एवं आयरन युक्त भोजन लेने की सलाह देना, गर्भकाल में होम्योपैथिक या अन्य सुरक्षित दवाइयों के सेवन की जानकारी देना|
6) नवजात शिशुओं के मृत्यु दर को कम करने के उपायों पर कार्य करना| नवजात पीलिया (Jaundice icterus), काॅलरा, डॉयरिया, एनीमिया (Anaemia) इत्यादि रोगों से बचाने के लिए सुरक्षित होम्योपैथिक व अन्य दवाइयों से बच्चों का इलाज करना एवं अभिभावकों को जागरूक करना|
7) अचानक फैलने वाले रोग : हड्डी तोड़ बुखार , डेंगू, चिकनगुनिया, फ्लू, बर्ड फ्लू, दिमागी बुखार, चेचक, खसरा, इत्यादि महामारी एवं विशेष मौसम में फैलने वाली अन्य बिमारियों से बचाव की दवा पहले से ही ज़रूरतमंदों को निशुल्क प्रदान करना तथा रोगग्रस्त हो जाने पर खानपान एवं सुरक्षित दवाइयों की उचित सलाह देना| संक्रामक रोगों की घातकता तथा रोगनिरोधन के मूल तत्वों का लोगों को बोध कराना|
8) स्कूल कॉलेज एवं गैर सरकारी संस्थाओं में स्वास्थ्य शिक्षा एवं लैंगिक शिक्षा के बारे लोगों को जागरूक करना|स्कूलों एवं कालेजों के पाठ्यक्रमों में स्वास्थ्य शिक्षा को समाहित करने की जागरूकता फैलाना तथा स्वास्थ्य रक्षा के सामूहिक उत्तरदायित्व को वहन करने की शिक्षा देना |
9) रोगों के बारे में भ्रमात्मक एवं अंधविश्वासी विचारों को दूर करना तथा रोगी एवं उसके परिजनों को बीमारी दूर भगाने के उपाय बताना|
10) जटिल एवं असाध्य समझी जाने वाली बीमारियां जैसे डायबिटीज, थायराइड, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) इत्यादि में खान पान एवं दवाइयों की उचित सलाह द्वारा रोगी को सार्थक आराम देना तथा रोग निदान के उचित उपाय बताना|
11) दृश्य श्रव्य (Audio visual) माध्यम, स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी फिल्म एवं नुक्कड़ नाटक के द्वारा लोगों को जागरूक करना|
12) समाचारपत्रों एवं पत्र पत्रिकाओं में स्वास्थ्य संबंधी लेख प्रकाशित कराना| समय-समय पर फैलने वाली बीमारियों एवं खानपान की उचित सलाह व उपयोगी प्राकृतिक व होम्योपैथिक दवाइयों की लिखित जानकारी प्रपत्र (पम्फलेट में छपवाकर) आम जनमानस को उपलब्ध कराना|
13) संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य जागरूकता एवं होम्योपैथिक शिविरों में प्रशिक्षित एवं अनुभवी होम्योपैथिक चिकित्सक, डिप्लोमा धारक फार्मेसिस्ट अन्य चिकित्सा शिक्षा से संबंधित लोगों की विशेषज्ञ टीम एवं अनुभवी महिलाओं की टीम अपना समय देकर संस्था को सहयोग प्रदान करते हैं|
14) प्राथमिक उपचार की चयनित होम्योपैथिक एवं अन्य उपयोगी प्राकृतिक दवाइयों की आंशिक जानकारी लिखित रूप में लोगों को उपलब्ध कराना तथा आकस्मिक घटनाओं में जीवनोपयोगी उपचार तकनीक सीखाना |
15) इंडियन योगा एसोशियेशन से संबंध हमारी संस्था लोगों को आसन, प्राणायाम, योग एवं हवन चिकित्सा से स्वास्थ्य को बनाए रखने की सलाह दे रही है जिससे जटिल से जटिल रोग भी ठीक हो रहे हैं | अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का उद्देश्य भी कार्यक्रम में शामिल है ताकि हम अपनी प्राण वायु को शुद्ध कर सके|
~ निवेदक ~
संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी
मिश्रा मार्केट, कालिन्दीपुरम चौकी के पास, राजरूपपुर, प्रयागराज उ०प्र०
सम्पर्क ~ 8808662255
Comments
Post a Comment