Posts

झाड़ू

🧹🧹 झाड़ू  🧹🧹 घर को  नित्य  बुहारिए, लेकर  झाड़ू  हाथ| साफ सफाई से मिले, लक्ष्मी जी का साथ|| तन-मन रखो स्वच्छ सदा, कचरा ना हो पास| झाड़ू कल्मष को करे, निर्मल स्वच्छ  सुवास|| सार्थक...

मन की आँधी

मन में भी आँधी और तूफान होता है भाव भी आँधी और तूफान लाते हैं बदल देते है जिन्दगी के मायने को बिखर जाता है सपनों का महल टूट जाते हैं गुरबत के आशियाने कुछ बोल नही पाती उम्मीदो...

हिन्दी साहित्य की नवीन विधाएँ (लेखन व संकलन~ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल

       " हिन्दी साहित्य की नवीन विधाएँ " विधा का अर्थ है, किस्म, वर्ग या श्रेणी, अर्थात विविध प्रकार की रचनाओं को उनके गुण, धर्मों के आधार पर अलग- अलग विभाजित करना, नामकरण और वर्ग...

गजल (प्यार की वो निशानी) साहिल

    गज़ल़             रदीफ़ ~ आनी   कॉफिया ~ मुझे मिल गयी मापनी~ 2122 1222  212         "प्यार की वो निशानी" प्यार की वो निशानी मुझे मिल गयी| जिन्दगी की कहानी मुझे मिल गयी| वक्त ठहरा रहा मंजिले खो गयी| प्रेम की वो दिवानी मुझे मिल गयी| चाहतों ने गले जब लगाया मुझे| ज़ीस्त में फिर रवानी मुझे मिल गयी| दुख का मंजर गया साथ खुशियाँ मिली| शाम सुन्दर सुहानी मुझे मिल गयी| दिन भी है खुशनुमा रात रंगीन है| तेरी दिलकश जवानी मुझे मिल गयी| सिन्धु साहिल से' कहता रहा रात  भर| खूबसूरत नुरानी मु'झे मिल गयी| ©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल      VJTM 308112 IN          

नील छन्द (दर्शन)

     🍁 नील छंद 🍁 विधान~[(भगण×5)+गुरु ] 211 211 211 211 211 2 16 वर्ण, 4 चरण दो-दो चरण समतुकांत। हे मनभावन स्नेह सुहावन प्रीत लिखूँ | मोहक सूरत दर्शन सुन्दर गीत लिखूँ || जीवन  चाहत  प्रेम  सुहावन रीत बने| ...

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध (WBC & Dengue)

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध मनुष्य के खून के अंदर जैसे खलबली मची हो, रक्त के अंदर आपाधापी मची हो, जैसे कोई कोई भूत तांडव कर रहे हो, खून और शरीर में महायुद्ध चल रहा हो; ...

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध (WBC & Dengue)

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध मनुष्य के खून के अंदर जैसे खलबली मची हो, रक्त के अंदर आपाधापी मची हो, जैसे कोई कोई भूत तांडव कर रहे हो, खून और शरीर में महायुद्ध चल रहा हो; ...