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ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध (WBC & Dengue)

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध मनुष्य के खून के अंदर जैसे खलबली मची हो, रक्त के अंदर आपाधापी मची हो, जैसे कोई कोई भूत तांडव कर रहे हो, खून और शरीर में महायुद्ध चल रहा हो; ...

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध (WBC & Dengue)

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध मनुष्य के खून के अंदर जैसे खलबली मची हो, रक्त के अंदर आपाधापी मची हो, जैसे कोई कोई भूत तांडव कर रहे हो, खून और शरीर में महायुद्ध चल रहा हो; ...

इन्दिरा छन्द (साहिल)

    🍁इन्दिरा छंद 🍁 विधान - [नगण रगण रगण+ लघु गुरु] 111 212  212  12, प्रति चरण ग्यारह वर्ण, [चार चरण, दो दो चरण समतुकांत] सरल भक्ति से साधना करूँ| वचन कर्म  से याचना करूँ|| नमन  अर्चना नित्य कीज...

मुक्तक

1222 ×4 नजर  जिसपे  ठहर  जाए, वही तो  नूर  होता  है , सजा  तो  बाद  मिलती है, जब  वो  दूर  होता  है, मुहब्ब़त खेल नयनों का समझ में  क्यूँ नही आता, नयन  रसपान  कर - करके नशा  भरपूर  होता ह...

गीत मुक्तक वीडियो कवि साहिल जी द्वारा

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1538536322999612&id=526479070737080&sfnsn=wiwspmo

बाल कविता ~ लाल मुगेरी के केले

🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌🍌        लाल मुगेरी के केले लाल मुगेरी आया  देखो| पीले  केले  लाया  देखो| टुंगू  -  मूंगू   दौड़े  आये| मल्लू और मकल्लू आये| मीठे –  मीठे   प्यारे   केल...

शुभमाल छन्द

🏆 शुभमाल छंद 🏆 शिल्प:- जगण जगण (121 121), दो-दो चरण तुकांत, [6 वर्ण प्रति चरण] तजो सब दोष| न हो मन रोष|| रखो  सहकार| मिले सुखहार|| करो  सब  प्रेम| रखो उर  क्षेम|| बने  जन  प्रीत| यही  जग  रीत|| बजे   ...