शुभमाल छन्द
🏆 शुभमाल छंद 🏆
शिल्प:- जगण जगण (121 121),
दो-दो चरण तुकांत,
[6 वर्ण प्रति चरण]
तजो सब दोष|
न हो मन रोष||
रखो सहकार|
मिले सुखहार||
करो सब प्रेम|
रखो उर क्षेम||
बने जन प्रीत|
यही जग रीत||
बजे सुर गीत|
मिले मन मीत||
बहे रस धार|
करूँ मनुहार||
करो सत कर्म|
धरो निज धर्म||
कहो सिय राम|
भजो सिय राम||
©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल
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