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गजल (प्यार की वो निशानी) साहिल

    गज़ल़             रदीफ़ ~ आनी   कॉफिया ~ मुझे मिल गयी मापनी~ 2122 1222  212         "प्यार की वो निशानी" प्यार की वो निशानी मुझे मिल गयी| जिन्दगी की कहानी मुझे मिल गयी| वक्त ठहरा रहा मंजिले खो गयी| प्रेम की वो दिवानी मुझे मिल गयी| चाहतों ने गले जब लगाया मुझे| ज़ीस्त में फिर रवानी मुझे मिल गयी| दुख का मंजर गया साथ खुशियाँ मिली| शाम सुन्दर सुहानी मुझे मिल गयी| दिन भी है खुशनुमा रात रंगीन है| तेरी दिलकश जवानी मुझे मिल गयी| सिन्धु साहिल से' कहता रहा रात  भर| खूबसूरत नुरानी मु'झे मिल गयी| ©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल      VJTM 308112 IN          

नील छन्द (दर्शन)

     🍁 नील छंद 🍁 विधान~[(भगण×5)+गुरु ] 211 211 211 211 211 2 16 वर्ण, 4 चरण दो-दो चरण समतुकांत। हे मनभावन स्नेह सुहावन प्रीत लिखूँ | मोहक सूरत दर्शन सुन्दर गीत लिखूँ || जीवन  चाहत  प्रेम  सुहावन रीत बने| ...

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध (WBC & Dengue)

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध मनुष्य के खून के अंदर जैसे खलबली मची हो, रक्त के अंदर आपाधापी मची हो, जैसे कोई कोई भूत तांडव कर रहे हो, खून और शरीर में महायुद्ध चल रहा हो; ...

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध (WBC & Dengue)

ड्ब्लूबीसी और डेंगू वाइरस का महायुद्ध मनुष्य के खून के अंदर जैसे खलबली मची हो, रक्त के अंदर आपाधापी मची हो, जैसे कोई कोई भूत तांडव कर रहे हो, खून और शरीर में महायुद्ध चल रहा हो; ...

इन्दिरा छन्द (साहिल)

    🍁इन्दिरा छंद 🍁 विधान - [नगण रगण रगण+ लघु गुरु] 111 212  212  12, प्रति चरण ग्यारह वर्ण, [चार चरण, दो दो चरण समतुकांत] सरल भक्ति से साधना करूँ| वचन कर्म  से याचना करूँ|| नमन  अर्चना नित्य कीज...

मुक्तक

1222 ×4 नजर  जिसपे  ठहर  जाए, वही तो  नूर  होता  है , सजा  तो  बाद  मिलती है, जब  वो  दूर  होता  है, मुहब्ब़त खेल नयनों का समझ में  क्यूँ नही आता, नयन  रसपान  कर - करके नशा  भरपूर  होता ह...

गीत मुक्तक वीडियो कवि साहिल जी द्वारा

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