मास्क (साहिल)

नई खबर के क्रम में  प्रयागराज की समाजसेवी संस्था संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी के चिकित्सक डॉ• राहुल शुक्ला जी ने बताया कि लम्बे समय तक Mask (मुखौटा) लगाना हो सकता है हानिकारक !  क्योंकि हम जो साँस फेफड़ों से बाहर छोड़ते है, वो कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) होती है या हम मास्क लगाकर बोलते हैं तो भी CO2 निकलती है, यदि कार्बन डाई ऑक्साइड पूरी तरीके से मास्क से बाहर न जाकर पुनः मुँह के रास्ते अंदर जाए तो Hyercarbia या Hypercapnea(खून में CO2 की अधिकता) हो सकता है जिससे साँस की कमी, सिरदर्द, चक्कर आना,  और अत्यधिक थकान की परेशानी हो सकती है |
        
   इसके विपरीत यदि लम्बे समय तक Mask लगाएँगे तो पूर्ण रूप से ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण  Hypoxemia(खून में ऑक्सीजन की कमी) हो सकता है जिससे अस्थमा, एनीमिया(खून की कमी), बेचैनी और नींद न आने की परेशानी हो सकती है|

बाहर जाने पर मास्क लगाएं या समय-समय पर मास्क खोलकर खुली वायु में ऑक्सीजन लें और मास्क को बार-बार साफ करें या ज्यादा संख्या में मास्क रखें क्योंकि एक बार इस्तेमाल किया हुआ मास्क हमें संक्रमित कर सकता है या सांस की परेशानी पैदा कर सकता है|
जागरूक बनें परन्तु  जानकारी भी रखें|
             डॉ• राहुल शुक्ला
          HOD (डॉक्टर पैनल)
      संजीवनी वेलफेयर सोसाइटी
             प्रयागराज उ•प्र•

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