बहुत देर कर दी आपने
बहुत देर कर दी आपने
दिल की बात कहने में
मगर मन में आ ही गया तो
आज कहता हूं अपने दिल की बात
मेरे मन की बातों को कैसे तुम समझ लेती हो
जो मैं सोचता हूं वो कैसे तुम जान लेती हो
मेरे हृदय के भावों को
कैसे शब्दों का रूप देती हो तुम
मेरे विचारों की हलचल को कैसे दिशा देती हो तुम
मेरी मनचली, मतवाली यादों को प्रतिरूप देती हो तुम
मेरा अहसास हो तुम
मेरे साहित्य की प्यास हो तुम
मेरी मोहब्बत, मेरा जज़्बात हो तुम
मेरा प्रेम, मेरी शुरुआत हो तुम
मेरे शब्द, मेरा साज हो तुम
मेरा गीत, मेरा संगीत हो तुम
मेरी पहचान, मेरा सम्मान हो तुम
तुम्हारा साथ ही मुझे जिंदगी देता है
तुमसे प्यार ही संजीदगी देता है
आज सभी कलमकारों के समक्ष
तुमसे प्रेम का इजहार करता हूं
तुमसे बेपनाह प्यार का इकरार करता हूं
मानना होगा तुम्हें
मेरे प्यार को स्वीकार तो करना ही होगा
इस जन्म नहीं सात जन्मों तक मैं तुम्हारा रहूंगा
सिर्फ तुम्हारा
अब तक अनकही मोहब्बत
के बारे में सोचना जरुर
मैं इंतजार करूंगा
मैं इंतजार करूंगा|
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तुम मेरी हो तुम मेरी हो
तुम मेरी कलम हो
और मैं एक कलमकार हूं |
©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल
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