राष्ट्र प्रेम
राष्ट्र प्रेम
नींद की इस खुमारी से जागो,
आओ मिलकर सृजन गीत गाएँ |
कर्म कौशल का दीपक जलाकर,
मन की बगिया में फूल खिलाएं |
छोड़ दें सारी हम खामियों को,
सद्गुणों का मधुर गीत गाएँ |
ज्ञान प्रतिभा का उपयोग करके,
देश सेवा का प्रण हम उठाएं|
पुण्य धरती है ऊंचा हिमालय,
शौर्य साहस सरलता सिखाए|
देश भारत लगे सबसे प्यारा,
आओ मिलकर सृजन गीत गाएँ|
शौर्य गाथा शहीदों की पूजित,
राष्ट्र भारत की महिमा सुनाएं|
©️ डॉ• राहुल शुक्ल "साहिल"
प्रयागराज उ•प्र•
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