श्येनिका छन्द

     🍁🍃 श्येनिका छंद  🍃🍁

विधान ~ रगण जगण रगण लघु गुरु
11 वर्ण  ( 212  121  212  1   2 )
(दो - दो चरण समतुकांत )

बुद्धि से विवेक ही  खँगालिए|
दर्द  में  विषाद  में सँभालिए||
काम क्रोध लोभ को मिटाइए|
भक्ति भाव  प्रेम भी जगाइए||

मानवीय   वेदना   मिटा  सकूँ|
दीन  हीन  यातना  हटा  सकूँ||
बुद्धि   ज्ञान  साधना अपार दो|
प्रीत   राग  कामना  सँवार दो||

©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल

Comments

Popular posts from this blog

जिन्दगी

मुक्तक

स्वास्थ्य जागरूकता अभियान