क्रीडा छन्द (दिखें तारा)

  क्रीडा छन्द
विधान ~ 122 2

चली  आओ|
अभी आओ||
करूँ    बातें|
हँसी    रातें||

सुहानी   हो|
दिवानी हो||
निशानी हो|
कहानी हो||

पिया  प्यारे|
कहें    सारे||
बनूँ     तेरी|
न  हो  देरी||

सुखी  काया|
कटे   माया||
न  तू  लाया|
न  मैं  पाया||

वही  आँखे|
झके  पाँखे||
लगे    फेरा|
बनूँ     तेरा||

गुनो   गाना|
बुनो  ताना||
सही  तोलो|
वही  बोलो||

लिखो  नारा|
पिया प्यारा||
बहें     धारा|
दिखें  तारा||

©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल

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