पदपादाकुलक छन्द (साहिल)
🏆 पदपादाकुलक छंद 🏆
मापनी ~2 + 4 + 4 + 4 + 2 मात्राएँ
भँवरे सा मैं हूँ भटक रहा|
प्रियवर वियोग यूँ खटक रहा||
सुर में गाने का गुन दे दो|
हिय के रागों को धुन दे दो||
मधुरिम प्रीतों का गान लिखूँ |
सुंदर शृंगारिक मान लिखूँ ||
प्रतिभा निखरे जीवन महके|
खगकुल सा अन्तर्मन चहके||
दिन बहुत भये अब तो आओ|
तड़पत मन में जल बरसाओ||
सुखमय हो भावों की धारा|
प्रियतम बन तू आ जा तारा||
©️ डॉ० राहुल शुक्ल साहिल
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