प्रेम डॉ० राहुल शुक्ल साहिल
🌹🎍 प्रेम 🎍🌹
16× 16
सकल गीत सहकार प्रेम है,
जीवन में रसधार प्रेम है,
तन-मन का आधार प्रेम है,
जग में सुन्दर सार प्रेम है |
जीवन की हर सांस प्रेम है,
सुखद एक अहसास प्रेम है,
हर दिल चाहत खाश प्रेम है,
मीत मिलन का रास प्रेम है |
ममता के जज्बात प्रेम है,
माँ की प्यारी बात प्रेम है,
छांव बनाता तात प्रेम है,
मधुर बनाता नात प्रेम है |
मन का मन से योग प्रेम है,
मीत मिलन संजोग प्रेम है,
भक्ति भाव का जोग प्रेम है,
विरह अगन का रोग प्रेम है |
© डॉ० राहुल शुक्ल साहिल
Comments
Post a Comment