कुण्डलिया छन्द (फूल) साहिल

                     🌹  फूल  🌹

       
        कुण्डलियाँ

सुन्दरता  चारों  तरफ, खुशियाँ  देते  फूल |
सकल कर्म के नीर से,धुल जाए सब धूल ||

धुल  जाए सब धूल, वही  हम  काम करेंगे |
फूल  समर्पित नित्य, जगत में  नाम करेंगे ||

दुख  कष्टों को भूल, कर्म  में  हो  तत्परता |
मधुर प्रीत अहसास, फूल सम हो सुन्दरता ||

  ©️ डॉ० राहुल शुक्ल साहिल

                       फूल

               कुण्डलिया छन्द
           ©️बाबा बैद्यनाथ झा

बनना चाहें आप हम, जब गुलाब  सा फूल।
तो  फिर   सीखें  झेलना,मिले मार्ग में शूल।।

मिले  मार्ग   में  शूल,  नहीं  परवाह  करेंगे।
भोगेंगे   जब  कष्ट, खुशी  से  वाह  कहेंगे।।

सुन  विवाद उपहास,नहीं उसपर है तनना।
फूलों  का  सम्राट, तभी  संभव  है  बनना।।

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