जिन्दगी (साहिल)
जिन्दगी
खता करती है
जुदा करती है
मिलाती है
जिन्दगी
तन्हा करती है
दुखी करती है
हँसाती है
जिन्दगी
दूर करती है
मेल करती है
बहलाती है
जिन्दगी
इक सजा भी है
मजा भी है
आनन्द है
जिन्दगी महक है
चमक है
किनारा भी है
जिन्दगी जहाँ है
फ़िजा है
नजारा भी है
जिन्दगी छुअन है
चुभन है
सहारा भी है
जिन्दगी देती है
लेती है
सुलाती भी है
© डॉ० राहुल शुक्ल साहिल
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