चन्द्रयान

     चन्द्रयान

चन्द्रयान है कितना सुन्दर,
चाँद   देखकर  आएगा|
मंजिल उसकी होगी पूरी,
हर दिल खुशी मनाएगा|

बड़े जतन से बड़े यतन से,
चन्द्रयान बन  पाया  है |
विक्रम को पहुँचाने देखो,
आर्बिटर  भी  आया है |

सुनो  चाँद  पर रहने  वालो,
चन्द्रयान  जब  आएगा|
इस विक्रम का मान करो तुम,
वहाँ जीव फिर आएगा|

है विक्रम के अंदर प्रज्ञान,
आर्बिटर  है  सहयोगी|
संचालक है  इसरो  वाले,
विजय हमारी ही होगी|

रात- रात हमने जग-जग कर,
चन्द्रयान की राह तकी|
मंजिल हमको मिल जाएगी,
नही  हमारी बाँह थकी|

© डॉ० राहुल शुक्ल 'साहिल'

Comments

Popular posts from this blog

जिन्दगी

मुक्तक

स्वास्थ्य जागरूकता अभियान